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सही समय पर....

 सही समय पर....



ईश्वर कभी जल्दी नहीं करते,
और देर से भी नहीं आते,
वे बस…
सही समय पर
अपना कमाल दिखाते हैं।

हम घड़ी की सुइयों से
अपनी किस्मत नापते रहते हैं,
हर गुजरते दिन के साथ
थोड़ा और टूटते रहते हैं।

कभी लगता है—
शायद हमारी प्रार्थना
उन तक पहुंची ही नहीं,
शायद हमारी पुकार
आसमान ने सुनी ही नहीं।

लेकिन हम क्या जानें…
जिस दरवाजे को हम
बंद समझकर लौट रहे हैं,
ईश्वर उसी दरवाजे की
चाबी बना रहे होते हैं।

हम कहते हैं—
“अब बहुत देर हो गई…”

और ऊपर से कोई आवाज आती है—
“देर नहीं हुई,
अभी तुम्हारा समय नहीं आया।”

हम चाहते हैं
फूल आज ही खिल जाए,
बारिश आज ही बरस जाए,
मंजिल आज ही मिल जाए,
और जिंदगी की हर उलझन
आज ही सुलझ जाए।

लेकिन ईश्वर जानते हैं—
किस फूल को कब खिलना है,
किस बादल को कब बरसना है,
किस इंसान को कब मिलना है,
और किस दर्द को
कब खत्म होना है।

कभी-कभी
वे हमारी इच्छा पूरी नहीं करते,
क्योंकि हमारी इच्छा से
कहीं बेहतर कुछ
हमारे रास्ते में रख रहे होते हैं।

कभी किसी इंसान को
हमसे दूर कर देते हैं,
क्योंकि जानते हैं
कि उसकी मौजूदगी
हमारी मंजिल से दूर कर देगी।

कभी हमें रोक देते हैं,
कभी अकेला कर देते हैं,
कभी इंतजार करवाते हैं,
और हम समझते हैं—
“ईश्वर ने मुझे छोड़ दिया।”

पर सच तो यह है…

जिस वक्त हम
सबसे ज्यादा अकेले होते हैं,
उसी वक्त
वे हमारे सबसे करीब होते हैं।

वे हमारी आंखों से
गिरते आंसू भी देखते हैं,
हमारे होंठों पर
रुकी हुई प्रार्थना भी सुनते हैं,
और उस दर्द को भी समझते हैं
जिसे हम किसी से
कह नहीं पाते।

इसलिए अगर आज
तुम्हारी जिंदगी में
कुछ नहीं हो रहा…

तो घबराना मत।

अगर मेहनत के बाद भी
मंजिल दूर है…

तो रुकना मत।

अगर प्रार्थना के बाद भी
जवाब नहीं मिला…

तो विश्वास मत छोड़ना।

क्योंकि शायद
ईश्वर तुम्हारी कहानी
लिख नहीं रहे…

वे उसे खूबसूरत
बना रहे हैं।

याद रखना—

बीज को मिट्टी के अंधेरे में
यह पता नहीं होता
कि उसके ऊपर
कभी सूरज निकलेगा।

नदी को यह नहीं पता
कि उसका रास्ता
कहां जाकर समुद्र बनेगा।

और इंसान को भी
यह नहीं पता होता
कि आज का दर्द
कल किस खुशी की
बुनियाद बनेगा।

इसलिए थोड़ा सब्र रखो…

जो तुम्हारे लिए है,
वह तुम्हें मिलकर रहेगा।

जो चला गया,
शायद वह तुम्हारा था ही नहीं।

और जो आने वाला है…

शायद वह इतना खूबसूरत होगा
कि तुम आज के इंतजार को
कल धन्यवाद दोगे।

ईश्वर कभी जल्दी नहीं करते,
और देर से भी नहीं आते…

वे बस
ठीक उसी पल आते हैं,
जब इंसान कहता है—
“अब मुझसे और नहीं होगा…”

और फिर
वहीं से शुरू होता है
ईश्वर का कमाल!

इसलिए भरोसा रखो…
वक्त भले तुम्हारे हिसाब से चल रहा हो,
पर ईश्वर
कभी गलत समय पर
कुछ नहीं करते।

वे देर नहीं करते…

वे बस..
सही समय पर
कमाल करते हैं.....

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